अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच जारी युद्ध 19 दिन में और जटिल होता जा रहा है। शुरुआत में जहां हमलों की तीव्रता बेहद ज्यादा थी, वहीं अब हमलों की संख्या में हल्की कमी आई है, लेकिन संघर्ष का दायरा लगातार फैलता जा रहा है।
28 फरवरी से अब तक अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर 2,000 से अधिक हमले किए जा चुके हैं। इन हमलों में मिसाइल स्ट्राइक, ड्रोन अटैक और साइबर हमले शामिल हैं। तेहरान, इस्फहान और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
हालांकि शुरुआती दिनों की तुलना में हमलों की संख्या कुछ कम हुई है, लेकिन अब यह संघर्ष क्षेत्रीय स्तर पर फैलता दिखाई दे रहा है। मध्य पूर्व के कई अन्य इलाकों में भी तनाव बढ़ गया है। ईरान समर्थित समूहों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायल के सैन्य ठिकानों और अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध अब केवल तीन देशों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकता है। तेल आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन लगातार युद्धविराम की अपील कर रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी पक्ष ने पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं। आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
Adv. Anoop Kumar Tripathi Journalist